
hello again friends this is my third poem and this one is my first and one of the most beautiful poem that i have ever written so please read this poem patiently ....
याद है मुझे खूबसूरत सपनो का वो जहाँ ,
हर कोई था आखो में अरमान लिए वहा।
होती थी जहाँ आसमान से फूलो की बारिश,
करती थी जहाँ ओस की बूंदे आपस में साजिश।
होता था जहाँ की हवाओ में भी मोहोब्बत का रंग,
जहा हर पल होता था एक हमसफ़र आपके संग।
नाचते थे जहा मोर भी अकाल में,
फूल भी खिलते थे जहा रेगिस्तान में।
जहा बड़ी खुशी से मिलते थे लोग,
न कोई गम था न कोई शोक।
चंद्रमा भी चमकता था अपने प्रकाश से,
खुशिया जहा बरसती थी आकाश से।
कर किसी को मिलता अपना प्यार,
न होती किसी क बीच कोई नफ़रत की दीवार।
फूलो की चिल्मिन सी खुशबू जब फैलती थी हवाओ में,
पक्षियों की चहचहाहट जब गूंजती थी फिजाओ में।
लिए चलते थे लोग सपने अपनी आँखों के,
जंजीर की तरह होते थे मजबूत जहा हर रिश्ते धागों के।
कछुए भी चलते थे जहाँ खरगोशों की चाल,
जहा एक मुलाक़ात भुलाने में लगते थे जाने कितने साल।
रहता था जहा हर किसी को किसी बड़े का सहारा।
न कोई अपांग था न कोई बेसहारा।
कश्तियों की होती हर दिशा में सही राह ,
पानी की गहराईयों में होती उड़ने की चाह ।
नदी बहती थी जहाँ वक्त क हर पल क साथ,
जहा हर कोई देता था मुसीबत में मदद का हाथ।
एक दुखी को मिलता हर पल खुशियों का पिटारा,
तमन्नाओ का न होता कोई अंत न कोई किनारा।
बस यही था मेरे सपनो का जहान,
हर कोई था अपने अरमान लिए वहा।
मगर ये सपना तो बस सपना है,
क्योकि इस दुश्वार ज़िन्दगी में बस तड़पना है......
ऐसे सपने कभी पूरे नही होते,
वो कहते है न की अच्छे बच्चे कभी जिद्द करके नही रोते।
आएगा एक दिन जब होगा मेरा सपना कामयाब,
तभी कहूँगा मई की भगवन की बनाई ये दुनिया है नायाब......
2 comments:
mere pass shabd nahi hai itni achchi hai poem, u r the best part of my life .......since ever after gun and deepank
thanks for the comments...
i m very glad that u like my post.
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